पोस्ट ऑफिस RD स्कीम: 6.7% ब्याज पर 5 साल में कितना मिलेगा?

हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा बचाना आसान लगता है, पर महीना खत्म होते-होते वह पैसा अक्सर खर्च हो जाता है। अगर आप भी चाहते हैं कि हर महीने एक तय रकम अपने आप बचत में बदल जाए और 5 साल बाद एक अच्छी-खासी रकम हाथ में आए, तो पोस्ट ऑफिस की RD स्कीम आपके काम की हो सकती है।

✅ यह गाइड आधिकारिक सरकारी स्रोतों और अधिसूचनाओं पर आधारित है। Last verified: 4 November 2026। पोस्ट ऑफिस की योजनाओं से जुड़ी जानकारी, ब्याज दर और प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकती है — कोई कदम उठाने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर नवीनतम जानकारी ज़रूर क्रॉस-चेक करें।

इस गाइड में पोस्ट ऑफिस RD स्कीम की पूरी जानकारी मिलेगी — ब्याज दर, किस्त, मैच्योरिटी, समय से पहले बंद करने के नियम और खाता खोलने का तरीका, सब कुछ आसान भाषा में। जब मैंने पहली बार हर महीने बचत करने का तरीका ढूँढा था, तो सबसे बड़ी उलझन यही थी कि कौन सी स्कीम भरोसेमंद है और उसमें पैसा कितने समय के लिए अटकता है, इसलिए यह गाइड उसी उलझन को खत्म करने के लिए लिखी गई है।

30 सेकंड में जवाब: पोस्ट ऑफिस RD में आप हर महीने कम से कम ₹100 जमा करते हैं, 5 साल तक। अक्टूबर-दिसंबर 2026 में इस पर 6.7% सालाना ब्याज मिलता है, जो हर तिमाही जुड़ता है। 5 साल पूरे होने पर जमा रकम और ब्याज एक साथ मिल जाता है। खाता किसी भी पोस्ट ऑफिस में या IPPB app से खोला जा सकता है।

  • ब्याज दर: 6.7% सालाना, हर तिमाही चक्रवृद्धि (अक्टूबर-दिसंबर 2026)।
  • अवधि: 5 साल (60 महीने की किस्त), 5 साल और बढ़ाई जा सकती है।
  • न्यूनतम किस्त: ₹100 महीना, ₹10 के गुणक में इससे ज़्यादा कोई भी रकम।
  • समय से पहले बंद: सिर्फ 3 साल बाद, और तब बचत खाते की दर (4%) से ब्याज मिलेगा।
  • लोन: 12 किस्तों के बाद जमा रकम के 50% तक लोन मिल सकता है।
एक नज़र में जानकारी
योजना का नाम National Savings Recurring Deposit Account (पोस्ट ऑफिस RD)
कौन चलाता है India Post (डाक विभाग, भारत सरकार)
ब्याज दर 6.7% सालाना, हर तिमाही चक्रवृद्धि (अक्टूबर-दिसंबर 2026)
अवधि 5 साल (60 मासिक किस्त), 5 साल का विस्तार संभव
न्यूनतम किस्त ₹100 महीना, ₹10 के गुणक में; अधिकतम की कोई सीमा नहीं
खाता कहाँ खुलेगा किसी भी पोस्ट ऑफिस में, या IPPB app / India Post e-banking से
टैक्स ब्याज आपकी स्लैब दर से टैक्स के दायरे में; जमा पर 80C की छूट नहीं

पोस्ट ऑफिस RD क्या है और यह कैसे काम करता है?

पोस्ट ऑफिस RD स्कीम एक सरकारी बचत योजना है जिसमें आप हर महीने एक तय रकम 5 साल तक जमा करते हैं। इस रकम पर सरकार द्वारा तय ब्याज मिलता है, जो अक्टूबर-दिसंबर 2026 में 6.7% सालाना है। 5 साल पूरे होने पर जमा रकम और ब्याज एक साथ मिल जाता है।

पोस्ट ऑफिस RD का सीधा मतलब है हर महीने थोड़ा-थोड़ा जमा करके एक बड़ी रकम बनाना। इसका आधिकारिक नाम National Savings Recurring Deposit Account हैइ

इसमें आप एक बार में बड़ी रकम नहीं लगाते, बल्कि हर महीने एक तय किस्त जमा करते हैं। 5 साल में 60 किस्तें पूरी होती हैं, और हर किस्त पर ब्याज जुड़ता जाता है।

यह स्कीम उन लोगों के लिए सबसे अच्छी है जिनकी आमदनी हर महीने आती है और जो एक साथ बड़ी रकम नहीं निकाल सकते। नौकरीपेशा लोग, छोटे व्यापारी, किसान और घर संभालने वाले — सभी के लिए यह एक सीधा तरीका है। पैसा भारत सरकार की गारंटी वाली योजना में रहता है, इसलिए इसमें बाज़ार के उतार-चढ़ाव का डर नहीं होता।

Sarkari Sakha पर हम कोशिश करते हैं कि सरकारी बचत योजनाओं की जानकारी आसान भाषा में मिले, बिना किसी उलझन के। पोस्ट ऑफिस RD भी ऐसी ही एक योजना है — एक बार इसके नियम समझ आ जाएँ, तो फिर यह हर महीने की एक आदत बन जाती है।

पोस्ट ऑफिस RD में पैसा लगाना कोई जटिल निवेश नहीं है — यह हर महीने थोड़ा-थोड़ा बचाकर एक तय समय बाद एकमुश्त रकम पाने का सरकारी तरीका है।

पोस्ट ऑफिस RD की ब्याज दर — अक्टूबर-दिसंबर 2026 में कितना मिलेगा?

पोस्ट ऑफिस RD स्कीम पर अक्टूबर-दिसंबर 2026 की तिमाही में 6.7% सालाना ब्याज मिल रहा है, और यह ब्याज हर तिमाही चक्रवृद्धि तरीके से जुड़ता है। यानी हर तीन महीने में ब्याज मूल रकम में जुड़ जाता है, और अगली तिमाही में उस बढ़ी हुई रकम पर ब्याज लगता है। यही वजह है कि 5 साल में ब्याज की रकम अच्छी-खासी बन जाती है।

यह दर वित्त मंत्रालय की 30 सितंबर 2026 की अधिसूचना से तय हुई है, जिसमें छोटी बचत योजनाओं की दरें जुलाई-सितंबर 2026 वाली ही रखी गई हैं। डाक विभाग के SB Order 12/2026 में भी यही दर दर्ज है। छोटी बचत की दरें हर तिमाही में दोबारा तय होती हैं, इसलिए जनवरी-मार्च 2027 की दर की घोषणा दिसंबर 2026 के अंत तक होने की उम्मीद है।

एक ज़रूरी बात समझ लें। पोस्ट ऑफिस RD में खाता खोलते वक्त जो ब्याज दर लागू होती है, वही दर पूरी 5 साल की अवधि पर लागू रहती है। यानी अगर आपने अक्टूबर-दिसंबर 2026 में खाता खोला, तो आपके खाते पर 5 साल तक 6.7% की दर से ही ब्याज बनेगा, भले ही बाद की तिमाहियों में नई दरें आ जाएँ। खाते को आगे बढ़ाने पर भी वही पुरानी दर लागू रहती है।

ब्याज दर के बारे में एक और सच जानना ज़रूरी है। पोस्ट ऑफिस RD की दर पिछले कई तिमाहियों से 6.7% पर ही टिकी हुई है — यह दर 1 अक्टूबर 2023 से लागू है और तब से बदली नहीं है। इसलिए यह स्कीम उन लोगों को पसंद आती है जो एक तय और भरोसेमंद रिटर्न चाहते हैं, न कि हर तिमाही बदलने वाला रिटर्न।

पोस्ट ऑफिस RD कौन खोल सकता है?

पोस्ट ऑफिस RD खोलने के नियम बहुत आसान हैं। लगभग हर आम आदमी यह खाता खोल सकता है। एक व्यक्ति अपने नाम से खाता खोल सकता है, और एक से ज़्यादा खाते भी खोले जा सकते हैं — खातों की संख्या पर कोई रोक नहीं है।

कौन खोल सकता है शर्त
कोई भी वयस्क (अकेले) अपने नाम से एकल खाता खोल सकता है
संयुक्त खाता (2–3 वयस्क) Joint A (कोई एक चला सकता है) या Joint B (सभी मिलकर चलाएँगे) के रूप में
नाबालिग के लिए अभिभावक अभिभावक नाबालिग के नाम से खाता खोल और चला सकता है
10 साल से ऊपर का नाबालिग अपने नाम से खुद खाता खोल सकता है
दिमागी रूप से असमर्थ व्यक्ति के लिए अभिभावक अभिभावक उसके नाम से खाता खोल सकता है
NRI (अनिवासी भारतीय) नया पोस्ट ऑफिस RD खाता नहीं खोल सकते

एक बात और जान लें। पोस्ट ऑफिस RD में नामांकन (nomination) की सुविधा भी मिलती है, यानी खाता खोलते वक्त आप किसी अपने को नामित कर सकते हैं। इससे किसी अनहोनी की स्थिति में रकम सही व्यक्ति तक पहुँचने में दिक्कत नहीं होती। नामांकन का विवरण खाता खोलते समय ही दे देना अच्छा रहता है।

पोस्ट ऑफिस RD खाता खोलने से पहले क्या-क्या तैयार रखें?

खाता खोलने से पहले कागज़ तैयार हों तो पोस्ट ऑफिस में एक ही बार में काम हो जाता है। नीचे दी गई चीज़ें एक जगह रख लें, ताकि बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। सबसे ज़रूरी है पहचान और पते का प्रमाण, क्योंकि बिना KYC के खाता नहीं खुलेगा।

  • पहचान प्रमाण: Aadhaar कार्ड, PAN कार्ड, वोटर ID या ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक।
  • पते का प्रमाण: Aadhaar कार्ड, पासपोर्ट या बिजली-पानी का बिल।
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो: दो ताज़ा फोटो साथ रखें।
  • खाता खोलने का फॉर्म: पोस्ट ऑफिस से मिलने वाला सामान्य खाता खोलने का फॉर्म (SB-AOF), जिसमें RD योजना का नाम साफ लिखें।
  • पहली किस्त की रकम: कम से कम ₹100, या जितनी मासिक किस्त रखनी है, उतनी रकम।
  • नामित व्यक्ति का विवरण: नामांकन के लिए नामित व्यक्ति का नाम और उससे रिश्ता।
  • मासिक किस्त का फैसला: पहले से तय कर लें कि हर महीने कितना जमा करना है, क्योंकि बीच में किस्त की रकम बदलना आसान नहीं होता।

जब मैंने पहली बार बचत खाता खुलवाने की तैयारी की थी, तो मुझे यही समझने में वक्त लगा था कि कौन से कागज़ असली में चाहिए और कौन से नहीं। पोस्ट ऑफिस RD के लिए यही छोटी सी लिस्ट काफी है — ज़्यादा कागज़ों के चक्कर में पड़ने की ज़रूरत नहीं है।

एक सुरक्षा बात अभी से पक्की कर लें। पोस्ट ऑफिस या India Post कभी फोन करके OTP, पासवर्ड या बैंक डिटेल नहीं माँगता। जो भी खाता खोलने के नाम पर ऐसी जानकारी माँगे, उससे सावधान रहें और अपनी जानकारी किसी से साझा न करें।

पोस्ट ऑफिस RD खाता कैसे खोलें?

पोस्ट ऑफिस RD खाता दो तरीकों से खोला जा सकता है — पोस्ट ऑफिस जाकर, या ऑनलाइन IPPB app / India Post e-banking से। जो तरीका आपके लिए आसान हो, वही चुनें। दोनों तरीकों में खाता वही रहता है, ब्याज दर भी वही रहती है, फर्क सिर्फ प्रक्रिया का है।

पोस्ट ऑफिस जाकर खाता खोलना:

  1. अपने नज़दीकी पोस्ट ऑफिस जाएँ और खाता खोलने का फॉर्म (SB-AOF) लें।
  2. फॉर्म में अपना नाम, पता, RD योजना का नाम और मासिक किस्त की रकम साफ-साफ भरें।
  3. फॉर्म के साथ पहचान प्रमाण, पते का प्रमाण और दो फोटो की स्व-सत्यापित कॉपी लगाएँ।
  4. पहली किस्त की रकम नकद या चेक से जमा करें। चेक से जमा करने पर जमा की तारीख वह मानी जाएगी जिस दिन चेक क्लियर होगा।
  5. काउंटर से पासबुक लें और उसमें अपना नाम, खाता नंबर और किस्त की रकम ध्यान से देख लें।
  6. हर महीने तय तारीख तक किस्त जमा करते रहें — पोस्ट ऑफिस में नकद, या अपने बचत खाते से स्थायी निर्देश (standing instruction) से भी किस्त कटवाई जा सकती है।

ऑनलाइन खाता खोलना (IPPB app / e-banking से):

  1. IPPB app खोलें या India Post e-banking पोर्टल पर लॉगिन करें। ऑनलाइन RD के लिए आपका पोस्ट ऑफिस बचत खाता और इंटरनेट/मोबाइल बैंकिंग चालू होना ज़रूरी है।
  2. DOP Products (डाक विभाग की योजनाएँ) में Recurring Deposit चुनें।
  3. मासिक किस्त की रकम, अवधि (5 साल) और नामित व्यक्ति का विवरण भरें।
  4. जानकारी की पुष्टि करें और खाता खोलने का अनुरोध सबमिट करें।
  5. पहली किस्त आपके जुड़े बचत खाते से कट जाएगी, और आगे की किस्तें हर महीने अपने आप कटती रहेंगी।

ऑनलाइन तरीके का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किस्त जमा करने के लिए हर महीने पोस्ट ऑफिस नहीं जाना पड़ता। पर ध्यान रखें — ऑनलाइन खाता खोलने के लिए पहले से एक चालू पोस्ट ऑफिस बचत खाता होना ज़रूरी है। अगर बचत खाता नहीं है, तो पहले उसे खुलवाना होगा, फिर RD खुलेगा।

हर महीने कितना जमा करें और मैच्योरिटी पर कितना मिलेगा?

पोस्ट ऑफिस RD में ₹5,000 महीना जमा करने पर 5 साल में कुल ₹3,00,000 जमा होता है और मैच्योरिटी पर लगभग ₹3,56,829 मिलते हैं (6.7% सालाना, हर तिमाही चक्रवृद्धि — अक्टूबर-दिसंबर 2026 की दर पर)।

पोस्ट ऑफिस RD स्कीम में मैच्योरिटी की रकम इस बात पर निर्भर करती है कि आप हर महीने कितना जमा करते हैं। नीचे दी गई तालिका में 6.7% सालाना ब्याज (हर तिमाही चक्रवृद्धि) पर अलग-अलग मासिक किस्तों पर 5 साल बाद मिलने वाली रकम दी गई है। ये आँकड़े लगभग हैं — आखिरी मैच्योरिटी रकम पोस्ट ऑफिस की गणना के अनुसार ही मिलेगी।

मासिक किस्त 5 साल में कुल जमा मैच्योरिटी पर लगभग रकम लगभग ब्याज
₹100 ₹6,000 ₹7,137 ₹1,137
₹500 ₹30,000 ₹35,683 ₹5,683
₹1,000 ₹60,000 ₹71,366 ₹11,366
₹2,000 ₹1,20,000 ₹1,42,732 ₹22,732
₹5,000 ₹3,00,000 ₹3,56,829 ₹56,829
₹10,000 ₹6,00,000 ₹7,13,658 ₹1,13,658

तालिका से एक बात साफ दिखती है। ₹5,000 महीना जमा करने पर 5 साल में ₹3,00,000 जमा होता है और लगभग ₹56,829 ब्याज के साथ कुल ₹3,56,829 मिलता है। ब्याज की रकम जमा रकम का लगभग 19% बैठती है। किस्त जितनी बड़ी होगी, मैच्योरिटी रकम भी उसी अनुपात में बढ़ेगी, क्योंकि RD की गणना सीधी है — हर किस्त पर ब्याज जुड़ता है।

किस्त चुनते वक्त अपनी आमदनी का ध्यान रखें। इतनी किस्त रखें जो हर महीने बिना टूटे जमा हो सके, क्योंकि किस्त छूटने पर जुर्माना लगता है और खाता बंद भी हो सकता है। छोटी किस्त से शुरू करके उसे निभाना, बड़ी किस्त लेकर बीच में तोड़ने से हमेशा बेहतर होता है।

पोस्ट ऑफिस RD को 5 साल बाद आगे बढ़ाना हो तो क्या करें?

5 साल पूरे होने पर आपके पास दो रास्ते होते हैं। पहला रास्ता यह है कि खाते को 5 साल और आगे बढ़ा दिया जाए, जिसमें आप हर महीने किस्त जमा करते रहेंगे। दूसरा रास्ता यह है कि मैच्योरिटी की रकम को बिना नई किस्त के 5 साल तक खाते में ही रहने दिया जाए। दोनों के लिए पोस्ट ऑफिस में आवेदन देना होता है।

आगे बढ़ाने पर एक फायदा यह है कि ब्याज की दर वही रहती है जो खाता खोलते वक्त थी। यानी अगर आपका खाता 6.7% पर खुला था, तो बढ़े हुए समय में भी उसी दर से ब्याज बनेगा। यह बात उन लोगों के लिए अच्छी है जो लंबी अवधि तक एक ही दर पर बचत जारी रखना चाहते हैं।

ध्यान रखने वाली बात यह है कि आगे बढ़ाने का फैसला मैच्योरिटी के आसपास ही करना होता है, और इसके लिए पोस्ट ऑफिस में आवेदन देना ज़रूरी है। अगर आप कुछ नहीं करते, तो मैच्योरिटी की रकम का भुगतान सामान्य प्रक्रिया से हो जाएगा। इसलिए मैच्योरिटी से पहले ही तय कर लें कि पैसा आगे बढ़ाना है या निकाल लेना है।

पोस्ट ऑफिस RD पर लोन कैसे मिलता है?

पोस्ट ऑफिस RD पर लोन की सुविधा भी मिलती है, जो इस स्कीम का एक कम जाना-पहचाना फायदा है। 12 किस्तें जमा होने और खाता 1 साल तक बिना रुके चलने के बाद आप अपने खाते की जमा रकम के 50% तक का लोन ले सकते हैं। इसके लिए लोन का आवेदन फॉर्म और पासबुक पोस्ट ऑफिस में जमा करनी होती है।

लोन पर ब्याज RD की दर से 2% ज़्यादा लगता है। यानी अगर आपकी RD दर 6.7% है, तो लोन पर ब्याज 8.7% सालाना बनेगा। लोन की रकम और उस पर बना ब्याज एक साथ चुकाना होता है। यह सुविधा तब काम आती है जब बीच में अचानक पैसों की ज़रूरत पड़ जाए, पर RD तोड़ने का मन न हो।

लोन लेते वक्त एक बात ध्यान रखें। लोन की रकम आपकी जमा रकम के आधे तक ही सीमित है, और लोन चुकाए बिना खाता बंद नहीं होगा। अगर लोन लंबे समय तक न चुकाया जाए, तो ब्याज बढ़ता जाएगा। इसलिए लोन सिर्फ तब लें जब उसकी सच में ज़रूरत हो और चुकाने का पक्का इंतज़ाम हो।

पोस्ट ऑफिस RD की किस्त छूट जाए तो क्या होगा?

किस्त छूटने पर जुर्माना लगता है, और लगातार 4 से ज़्यादा किस्तें छूटने पर खाता बंद (discontinued) हो जाता है — पर बंद हुए खाते को 2 महीने के अंदर बची किस्तें और जुर्माना जमा करके फिर चालू करवाया जा सकता है।

किस्त जमा करने की एक तय तारीख होती है। अगर खाता महीने की 15 तारीख तक खोला गया है, तो हर महीने की किस्त 15 तारीख तक जमा करनी होती है। अगर खाता 16 तारीख या उसके बाद खोला गया है, तो किस्त महीने के आखिरी कामकाजी दिन तक जमा करनी होती है। इस तारीख तक किस्त न जमा होने पर वह महीना चूक (default) माना जाता है।

हर चूके हुए महीने पर जुर्माना लगता है — ₹100 की किस्त पर ₹1, और बड़ी किस्त पर उसी अनुपात में। यानी ₹1,000 की किस्त छूटने पर ₹10 जुर्माना बनेगा। यह जुर्माना छोटा लगता है, पर बार-बार किस्त छूटने पर खाता ही बंद हो सकता है।

अगर लगातार 4 से ज़्यादा किस्तें छूट जाएँ, तो खाता बंद (discontinued) हो जाता है। बंद हुए खाते को फिर से चालू करवाया जा सकता है — इसके लिए बची हुई किस्तें और जुर्माना जमा करना होता है, और यह काम बंद होने के 2 महीने के अंदर करना होता है। इसलिए किस्त छूटते ही उसे अगली किस्त के साथ जमा कर देना सबसे समझदारी भरा कदम है।

किस्त छूटने से बचने का सबसे आसान तरीका है अपने बचत खाते से स्थायी निर्देश (standing instruction) लगवा देना, ताकि हर महीने तय तारीख को किस्त अपने आप कट जाए। IPPB या e-banking से खाता खोलने पर किस्तें वैसे भी अपने आप कटती रहेंगी।

पोस्ट ऑफिस RD समय से पहले बंद करना हो तो कितना मिलेगा?

पोस्ट ऑफिस RD को समय से पहले बंद करना मुमकिन है, पर सिर्फ 3 साल पूरे होने के बाद। खाता खोलने की तारीख से 3 साल से पहले आप इसे बंद नहीं कर सकते। बंद करने के लिए पोस्ट ऑफिस में तय आवेदन फॉर्म देना होता है।

समय से पहले बंद करने पर सबसे बड़ा नुकसान यह है कि आपको RD वाली 6.7% की दर से ब्याज नहीं मिलेगा। इसके बदले पोस्ट ऑफिस बचत खाते की दर से ब्याज मिलेगा, जो अक्टूबर-दिसंबर 2026 में 4% सालाना है। यानी 3 साल बाद बंद करने पर भी ब्याज की रकम मैच्योरिटी वाली रकम से काफी कम होगी।

एक और शर्त भी है। अगर आपने पहले से आगे की किस्तें एडवांस में जमा कर रखी हैं, तो उन एडवांस किस्तों की अवधि पूरी होने तक खाता समय से पहले बंद नहीं किया जा सकता। इसलिए एडवांस जमा करते वक्त यह सोच लें कि बीच में पैसों की ज़रूरत पड़ सकती है या नहीं।

सीधी सलाह यही है कि RD तभी खोलें जब 5 साल तक पैसा रखने का इरादा पक्का हो। अगर 3 साल से पहले पैसों की ज़रूरत पड़ने की आशंका है, तो RD की बजाय कोई ऐसी योजना चुनें जिसमें पैसा जल्दी निकाला जा सके। समय से पहले बंद करना हमेशा आखिरी रास्ता होना चाहिए, पहला नहीं।

पोस्ट ऑफिस RD पर टैक्स कैसे लगता है?

पोस्ट ऑफिस RD पर टैक्स के नियम साफ हैं, और इन्हें समझना ज़रूरी है ताकि बाद में कोई गलतफहमी न हो। RD में जमा की गई रकम पर आयकर की धारा 80C के तहत कोई छूट नहीं मिलती। यानी RD में पैसा डालना टैक्स बचाने का तरीका नहीं है — यह सिर्फ बचत करने का तरीका है।

RD पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह आपकी आय में जुड़ता है और आपकी स्लैब दर से टैक्स के दायरे में आता है। पोस्ट ऑफिस आमतौर पर इस ब्याज पर TDS नहीं काटता, पर इसका मतलब यह नहीं है कि ब्याज टैक्स से बाहर है — ITR भरते वक्त इस ब्याज को अपनी आय में दिखाना ज़रूरी है।

टैक्स के लिहाज़ से RD की तुलना PPF से करना गलत होगा। PPF में जमा, ब्याज और मैच्योरिटी — तीनों पर टैक्स छूट मिलती है, जबकि RD में सिर्फ ब्याज पर टैक्स लगता है और जमा पर कोई छूट नहीं है। इसलिए अगर आपका मकसद सिर्फ टैक्स बचाना है, तो RD सही चुनाव नहीं है। अगर मकसद हर महीने अनुशासन से बचत करना है, तो RD एक अच्छा विकल्प है। हम सरकारी वेबसाइट नहीं हैं, इसकी पूरी जानकारी भी यही बताती है कि Sarkari Sakha सिर्फ समझाने का काम करती है, टैक्स सलाह देने का नहीं — अपने टैक्स के फैसलों के लिए किसी योग्य सलाहकार से सलाह लेना अच्छा रहता है।

पोस्ट ऑफिस RD, बैंक RD और PPF में क्या फर्क है?

हर महीने बचत करने के लिए तीन रास्ते सबसे ज़्यादा जाने जाते हैं — पोस्ट ऑफिस RD स्कीम, बैंक RD और PPF। तीनों का मकसद बचत है, पर नियम, अवधि और टैक्स में फर्क है। नीचे दी गई तुलना से आप अपनी ज़रूरत के हिसाब से सही चुनाव कर सकते हैं।

सीधे शब्दों में: 5 साल की तय बचत के लिए पोस्ट ऑफिस RD (6.7%), बैंक की सुविधा के लिए बैंक RD, और टैक्स छूट के साथ लंबी अवधि के लिए PPF (7.1%) — दरें अक्टूबर-दिसंबर 2026 की तिमाही की हैं।

बात पोस्ट ऑफिस RD बैंक RD PPF
ब्याज दर (अक्टूबर-दिसंबर 2026) 6.7% सालाना, हर तिमाही चक्रवृद्धि बैंक और अवधि के हिसाब से अलग-अलग 7.1% सालाना, सालाना चक्रवृद्धि
अवधि 5 साल (60 किस्त), 5 साल विस्तार संभव 6 महीने से 10 साल तक (बैंक के हिसाब से) 15 साल
न्यूनतम जमा ₹100 महीना बैंक के हिसाब से, आमतौर पर ₹100 से शुरू ₹500 सालाना
समय से पहले बंद सिर्फ 3 साल बाद, बचत दर (4%) से ब्याज बैंक के नियम से, आमतौर पर जुर्माना दर से ब्याज आंशिक निकासी 7वें साल से, कड़े नियम
लोन की सुविधा 12 किस्तों के बाद 50% तक बैंक के नियम से, आमतौर पर 80–90% तक तीसरे से छठे साल तक लोन, फिर आंशिक निकासी
टैक्स ब्याज स्लैब से टैक्स, जमा पर 80C नहीं ब्याज स्लैब से टैक्स, जमा पर 80C नहीं जमा, ब्याज और मैच्योरिटी — तीनों पर छूट
किसके लिए सही है सरकारी गारंटी + 5 साल की तय बचत चाहने वालों के लिए अपने बैंक में ही RD रखने वालों के लिए लंबी अवधि + टैक्स छूट चाहने वालों के लिए

एक स्कीम को दूसरी से बेहतर कहना सही नहीं है — सही चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि आपको पैसा कब चाहिए, टैक्स छूट चाहिए या नहीं, और आप कितने समय तक पैसा रख सकते हैं।

पोस्ट ऑफिस RD में पैसा लगाने से पहले किन गलतियों से बचें?

पोस्ट ऑफिस RD स्कीम एक सीधी योजना है, पर कुछ आम गलतियाँ लोगों को महँगी पड़ती हैं। सबसे बड़ी गलती है अपनी आमदनी से ज़्यादा किस्त रख लेना। किस्त इतनी रखें जो हर महीने बिना टूटे जमा हो सके। दूसरी गलती है किस्त की तारीख भूल जाना — एक किस्त छूटने पर जुर्माना लगता है, और चार से ज़्यादा छूटने पर खाता बंद हो जाता है।

फीस और खर्च — एक नज़र में:

शुल्क / खर्च जानकारी
खाता खोलना फ्री — खाता खोलने पर कोई फीस नहीं लगती।
सालाना रखरखाव कोई सालाना चार्ज नहीं है।
किस्त छूटने पर जुर्माना ₹100 की किस्त पर ₹1 प्रति चूका महीना (बड़ी किस्त पर उसी अनुपात में)।
लोन पर ब्याज RD दर से 2% ज़्यादा (अभी 6.7% + 2% = 8.7% सालाना)।
समय से पहले बंद करने पर कोई अलग फीस नहीं, पर ब्याज RD दर की बजाय बचत दर (4%) से मिलेगा — यही असली नुकसान है।
किसी एजेंट को पैसे देना यह पोस्ट ऑफिस की सेवा नहीं है — खाता खोलने या किस्त जमा करने के नाम पर किसी को पैसे न दें।

तीसरी गलती है एडवांस किस्तें सोच-समझकर न जमा करना। एडवांस जमा करने पर छूट ज़रूर मिलती है, पर उन किस्तों की अवधि पूरी होने तक खाता समय से पहले बंद नहीं किया जा सकता। चौथी गलती है RD को टैक्स बचाने वाली स्कीम समझ लेना — RD में जमा पर 80C की छूट नहीं मिलती, यह बात पहले से साफ होनी चाहिए। पाँचवीं गलती है मैच्योरिटी के बाद खाते को ऐसे ही छोड़ देना — मैच्योरिटी से पहले ही तय कर लें कि पैसा आगे बढ़ाना है या निकाल लेना है।

इन गलतियों से बचने का सबसे आसान तरीका है — किस्त उतनी रखें जितनी हर महीने आसानी से जमा हो, तारीख कभी न भूलें, और खाता खोलने या किस्त के नाम पर किसी को पैसे न दें।

पोस्ट ऑफिस RD खाते में दिक्कत आए तो क्या करें?

RD खाते में दिक्कत आना आम बात है, और ज़्यादातर मामलों में वजह छोटी होती है — किस्त की तारीख भूल जाना, गलत फॉर्म भरना या पासबुक अपडेट न होना। नीचे दी गई टेबल में आम समस्या, उसकी संभावित वजह और क्या करना है, यह तीनों साफ दिए गए हैं।

समस्या संभावित कारण क्या करें
किस्त की तारीख निकल गई तारीख भूल जाना, या खाता खोलने की तारीख से गलत तारीख समझना जल्दी से किस्त और जुर्माना जमा करें; आगे से बचत खाते से स्थायी निर्देश लगवाएँ
खाता बंद (discontinued) हो गया लगातार 4 से ज़्यादा किस्तें छूटना 2 महीने के अंदर बची किस्तें और जुर्माना जमा करके खाता फिर से चालू करवाएँ
पासबुक में किस्त नहीं दिख रही पासबुक अपडेट न होना, या किस्त गलत खाते में जाना पासबुक काउंटर पर अपडेट करवाएँ; रसीद साथ रखें ताकि किस्त का सबूत रहे
ऑनलाइन RD नहीं खुल रहा बचत खाता न होना, या इंटरनेट/मोबाइल बैंकिंग चालू न होना पहले पोस्ट ऑफिस बचत खाता और उसकी नेट बैंकिंग चालू करवाएँ, फिर RD खोलें
मैच्योरिटी रकम उम्मीद से कम लगी किस्तें देर से जमा होना, या समय से पहले बंद करने पर बचत दर लगना पासबुक में किस्तों की तारीखें देखें; समय से पहले बंद किया हो तो बचत दर ही लागू होगी
नाम या जन्म तिथि में गलती है फॉर्म भरते वक्त गलती, या KYC से फर्क पोस्ट ऑफिस में सुधार का फॉर्म और सही कागज़ जमा करें; गलती जल्दी ठीक करवाएँ
एजेंट खाता खोलने के पैसे माँग रहा है धोखाधड़ी — पोस्ट ऑफिस खाता खोलने पर कोई फीस नहीं लेता पैसे न दें, अपनी जानकारी साझा न करें, और पोस्ट ऑफिस में इसकी शिकायत करें

अगर पोस्ट ऑफिस में बात करने के बाद भी समस्या सुलझ न रही हो, तो India Post के आधिकारिक शिकायत के ज़रिए शिकायत दर्ज करना अगला कदम है। शिकायत में अपना खाता नंबर और समस्या की तारीख साफ लिखें, पर OTP, पासवर्ड या बैंक डिटेल कभी शिकायत में भी न लिखें। इस गाइड में सुधार के लिए हमसे संपर्क करें — अगर इस गाइड में कोई कदम या दर बदली हुई लगे, तो हमें बताएँ, ताकि गाइड को अपडेट किया जा सके; खाते की शिकायत के लिए हमेशा India Post का आधिकारिक रास्ता ही इस्तेमाल करें।

RD खाते की ज़्यादातर दिक्कतें किस्त की तारीख और कागज़ की छोटी गलती से होती हैं — घबराहट में किसी अनजान व्यक्ति को अपनी जानकारी देना ही असली नुकसान है।

पोस्ट ऑफिस RD से जुड़े सवाल

पोस्ट ऑफिस RD की ब्याज दर अभी कितनी है?

अक्टूबर-दिसंबर 2026 की तिमाही में पोस्ट ऑफिस RD पर 6.7% सालाना ब्याज मिल रहा है, जो हर तिमाही चक्रवृद्धि तरीके से जुड़ता है। यह दर वित्त मंत्रालय की 30 सितंबर 2026 की अधिसूचना से तय हुई है। खाता खोलते वक्त जो दर लागू होती है, वही पूरी 5 साल की अवधि पर लागू रहती है।

पोस्ट ऑफिस RD में कम से कम कितना जमा करना होता है?

कम से कम ₹100 महीना। इससे ज़्यादा कोई भी रकम ₹10 के गुणक में जमा की जा सकती है, और अधिकतम की कोई सीमा नहीं है। यानी आप ₹100, ₹500, ₹1,000 या ₹10,000 — जो रकम हर महीने बिना टूटे जमा कर सकें, वही किस्त रखें।

पोस्ट ऑफिस RD कितने साल का होता है?

पोस्ट ऑफिस RD 5 साल का होता है, जिसमें 60 मासिक किस्तें जमा होती हैं। 5 साल पूरे होने पर खाते को 5 साल और आगे बढ़ाया जा सकता है, जिसमें किस्तें जारी रहती हैं या मैच्योरिटी की रकम बिना नई किस्त के भी रखी जा सकती है।

post office rd scheme kaise khole?

पोस्ट ऑफिस RD खाता पोस्ट ऑफिस जाकर या ऑनलाइन खोला जा सकता है। पोस्ट ऑफिस में फॉर्म (SB-AOF), पहचान और पते का प्रमाण, दो फोटो और पहली किस्त के साथ खाता खुलता है। ऑनलाइन के लिए IPPB app या India Post e-banking में DOP Products से Recurring Deposit चुनना होता है, जिसके लिए पहले से चालू पोस्ट ऑफिस बचत खाता ज़रूरी है।

RD समय से पहले बंद करने पर क्या नुकसान होता है?

RD सिर्फ 3 साल बाद ही समय से पहले बंद किया जा सकता है, और तब RD वाली 6.7% की दर की बजाय पोस्ट ऑफिस बचत खाते की दर (अभी 4%) से ब्याज मिलता है। इसलिए समय से पहले बंद करने पर ब्याज की रकम काफी कम हो जाती है। 3 साल से पहले RD बंद ही नहीं किया जा सकता।

पोस्ट ऑफिस RD पर लोन कैसे मिलता है?

12 किस्तें जमा होने और खाता 1 साल तक बिना रुके चलने के बाद जमा रकम के 50% तक का लोन मिल सकता है। लोन पर ब्याज RD दर से 2% ज़्यादा लगता है, यानी अभी 8.7% सालाना। लोन के लिए आवेदन फॉर्म और पासबुक पोस्ट ऑफिस में जमा करनी होती है।

पोस्ट ऑफिस RD का खाता एक शहर से दूसरे शहर में ट्रांसफर हो सकता है?

हाँ, पोस्ट ऑफिस के बचत खातों की तरह RD खाता भी एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर किया जा सकता है। इसके लिए अपने पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर का आवेदन देना होता है। नौकरी या शहर बदलने पर इस सुविधा से किस्तें जमा करने में दिक्कत नहीं आती।

अंत में एक बात फिर से — पोस्ट ऑफिस RD कोई जल्दी अमीर बनने वाली स्कीम नहीं है, पर हर महीने अनुशासन से बचत करने का एक भरोसेमंद सरकारी तरीका ज़रूर है। पोस्ट ऑफिस RD स्कीम की ब्याज दर, किस्त और नियम अब आप जान चुके हैं। अपनी आमदनी के हिसाब से किस्त तय करें, किस्त की तारीख कभी न भूलें, और अपनी जानकारी सुरक्षित रखें। Sarkari Sakha के ब्लॉग पर आने वाली गाइड्स में इसी तरह की आसान भाषा वाली जानकारी आगे भी मिलेगी, जब वह guides पब्लिश होंगी।

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लेखक के बारे में: यह गाइड Sarkari Sakha Team द्वारा लिखी गई है। Last updated: 4 November 2026। अगर कोई कदम या दर बदली हुई लगे, तो आधिकारिक पोर्टल पर जाँच करके हमें बताएँ, ताकि गाइड को तुरंत अपडेट किया जा सके।

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